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Mahima Jain

Abstract Inspirational Others

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Mahima Jain

Abstract Inspirational Others

वायरस

वायरस

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धरती पर सब से प्यारे नव रस

खा गया उन सबको ये वायरस

नाम करोना ना कोई करुणा

ना तरस

ना चला दुनिया का इस पर

कोई बस

बन फाँसी पल पल शिकंजा

रहा है कस

है हम मासूम पर रखा इसने

गुनाहगारों के समकक्ष

बना लिया घर को जेल हो कर

बेबस

फिर होगा सबेरा लोट आएंगे

नौ रस

जीत जायेंगे हम होगा बेदम ये

वायरस


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