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खुशियां मेरी खिल के गुल बनी फिर गुल शान हो गई! खुशियां मेरी खिल के गुल बनी फिर गुल शान हो गई!
पर खुशियां देता हूँ इसलिये रो भी नहीं सकता। पर खुशियां देता हूँ इसलिये रो भी नहीं सकता।
मैं अबला हूँ मैं सबला भी हूँ मैं अनुलोम भी हूँ विलोम भी हूँ! मैं अबला हूँ मैं सबला भी हूँ मैं अनुलोम भी हूँ विलोम भी हूँ!
बन फाँसी पल पल शिकंजा रहा है कस बन फाँसी पल पल शिकंजा रहा है कस
कोई लालच का जाल जकड़े न मुझे, कोई लालच का जाल जकड़े न मुझे,
देती हूँ जीवन लेकिन जिंदगी उधार मांगती हूँ। देती हूँ जीवन लेकिन जिंदगी उधार मांगती हूँ।