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Mayank Kumar

Abstract Romance

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Mayank Kumar

Abstract Romance

उसकी चाहत

उसकी चाहत

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वह चाहती है इतना कि-

जितना मैं खुद को नहीं चाहता


वह जानती है इतना कि-

जितना मैं खुद को नहीं जानता


मेरी हरेक आदतों का वह,

हिसाब-किताब रखती हैं


वह खुद को भूल कर हर वक्त,

खुद में मुझे आबाद रखती हैं !


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