उनको भी तुम याद करो
उनको भी तुम याद करो
हम सबके जन्म दिनों
को याद करते हैं !
अपनी शुभकामनाओं
और आशीष देते हैं !!
आज हमारे पुत्र का है
कल हमारे पौत्र का होगा !
आनेवाली तिथियों में
संदेशों का इंतजार होगा !!
बहुयें भी इंतजार करतीं हैं
कहाँ से बधाइयाँ आतीं हैं ?
शादी की सालगिरह देखें
किन्हें हमारी याद आती है ?
हमारी सभ्यता ,रीति रिवाज
सब धूल में मिलते जा रहे हैं !
हमें जो बढ़के करना चाहिए
उसको हम भूलते जा रहे हैं !!
इस घडी में बुजुर्गों को
हमें प्रणाम करना चाहिए !
उनके आशीष को अपने
ह्रदय में रखना चाहिए !!
हर घडी वो आपलोगों को
सदा ही याद करते हैं !
आपकी सफलताओं की
सदा ही कामना करते हैं !!
उनके दिनों को याद करके
उनको भी आप प्यार दो !
उनके भी जन्मदिनों पर
अपने प्यार का उपहार दो !!
