उड़ान गॉडबिट चिड़िया की
उड़ान गॉडबिट चिड़िया की
अलास्का की गॉडबिट चिड़िया ने
जिसका पहिचान चिह्न बी-6 है,
विश्व कीर्तिमान् स्थापित किया
दूरगामी लम्बी उड़ान निरन्तर भर के ।
प्रशान्त महासागर के ऊपर से
बिना रुके या ठहरे भरी उड़ान,
न कहीं खाना- पीना किया
न कहीं जरा आराम किया।
ग्यारह दिन उड़ना ही उड़ना
लगातार उड़ते ही जाना,
चरैवेति चरैवेति का सार
पॉंच माह की नन्हीं गॉडबिट ने जाना।
कहीं कोई किसी ने
नहीं बताया या सिखाया ,
दिशाओं का ज्ञान या
कि कहॉं उतरना है।
जैसे हनुमान् जी ने पार किया
मैनाक को और सागर को,
काम काज किये बिना
नहीं किया विश्राम कहीं।
रुके तो रुक ही जाओगे
चलते रहो, उड़ते रहो,
गन्तव्य पर पहुँचकर ही
दम लेना विश्राम करना।
अपने अन्तर्ज्ञान के बल पर
चिड़िया सही रास्ते पर उड़ती रही,
ग्यारह दिवस तक लगातार
कहीं भी रास्ता नहीं भूली।
उड़ान पूरी हुई तस्मानिया में
आस्ट्रेलिया महाद्वीप पर,
यह प्रवास था सही समय पर
शीत प्रदेश से उष्ण प्रदेश में आने का।
गॉडविट के इस चमत्कार का
ज्ञान हुआ विज्ञान के माध्यम से
लगाया गया था उसके सेटेलाइट चिप
अन्वेषण के लिये उसके रास्ते का।
सही कहा है-“ वह खुद तय करते हैं
मंज़िल आसमानों की,
परिन्दों को नहीं दी जाती
तालीम उड़ानों की।”
