STORYMIRROR

AVINASH KUMAR

Romance

4  

AVINASH KUMAR

Romance

तुमसे प्यार करता हूँ ना

तुमसे प्यार करता हूँ ना

1 min
265

तुम हो या ना हो..

तुम्हे याद करता हूँ ना..

तन्हाई में..इंतज़ार में भी..

तुम्हे प्यार करता हूँ ना..

लफ़्ज़ कहाँ बोलते..

पर ऐतबार करता हूँ ना..

ख़्यालो की बेफिक्री में..

भी तुमसे बात करता हूँ ना..

मिल पाओ या ना मिलो..

मुलाकात करता हूँ ना..

मेरे हर एक लम्हे को..

तेरे नाम करता हूँ ना..

लेकर नाचीज़ सा दिल..

यूँ फ़रियाद करता हूँ ना..

रोजाना मोहब्बत का..

खुद इंतज़ाम करता हूँ ना..

छोटी छोटी ख्वाहिशो में,

सब शुमार करता हूँ ना..

इश्क़ को जानता नहीं..

पर बेशुमार करता हूँ ना..

मौत को पहचानता नही

ज़िन्दगी का लिहाज़ करता हूँ ना..

इसलिए सब भूलकर बस..

तुमसे प्यार करता हूँ ना.


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance