STORYMIRROR

Dev Faizabadi

Romance

3  

Dev Faizabadi

Romance

तुम्हें पाया तो जाना ये(ग़ज़ल)

तुम्हें पाया तो जाना ये(ग़ज़ल)

1 min
258

मेरी चाहत ये सच्ची है ना कोई भी फसाना है।

तुम्हें पाया तो जाना ये मुहब्बत ही खजाना है।।


तुम्हारे प्यार के खातिर जहां मे जी रहे हैं हम,

खुशी हरपल तुम्हें देगे तुम्हीं पे जाँ लुटाना है।


ग़मों से दूर रहकर जहाँ खुशियाँ ही खुशियाँ हों,

मेरे अरमान ये दिल के वही तुमको बसाना है।


मुहब्बत के कमरे में तुम्हें यूँ कैद कर लूँगा,

है चाहत 'देव' की ऐसी ओ तेरा ही दीवाना है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance