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Ankita Akhade

Comedy Inspirational

4  

Ankita Akhade

Comedy Inspirational

तुम देख सकते हो |

तुम देख सकते हो |

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ख्वाबो की खिडकी से 

मैं नया जहां देख रही हूँ 

बरसो की ये हवा से 

आज में खेल रही हूँ 


ये चिडीयों की आवाज 

जो नहीं सुनी थी मैने 

कई सालो से 

आज उनके साथ इस खुले 

आसमान मैं उड़ी जा रही हूँ 

सब देख सकते हो मुझे 

मैं कैसे अजब हो रही हूँ 


कागज के चारो तरफ देखे 

थे सपने मैने कुछ 

वही सपना सच कर रही हूँ

जिस घर के छत पर बिताये थी

राते हमने मिलकर 

आज उसी छत पर और एक छत

खड़ी कर रही हूँ 


तुम देख सकते हो मुझे 

तुम्हारी होकर कैसे दूर 

जा रही हूँ।


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