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मिलिन्द खटावकर

Romance

3  

मिलिन्द खटावकर

Romance

तुम और बारिश

तुम और बारिश

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इस बारिश में हैं इंतजार

बादलों के छाने का मुझे

घनघोर काला आसमान

बिजली के चमकने का

धरती के तृप्त होने का

पौधों के खुश होने का

सौंधी माटी की खुशबू का

और तुम्हारा भी प्रिये

संग बारिश में भीगने का

मिलकर गीत गुनगुगाने का

तुम्हारा हाथ थामे बैठने का

जीवन को तृप्त करने का

प्यार की बारिश में भीगने का...



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