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Sneh Lata

Romance

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Sneh Lata

Romance

तुझ संग प्रेम की

तुझ संग प्रेम की

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तुझ संग प्रेम की प्रत्येक सीमा को लांघ जाऊंगी

समस्त बंधनों को तोड़ जगत के जब जब तुझसे मिलने आउंगी

चाहे ये समस्त संसार ठहराये क्यु ना अपवित्र मुझे फिर भी मैं पवित्रता से प्रेम निभाऊंगी

राधा बन आठों पहर तेरे संग रहूंगी मीरा बन तुझमें समाउंगी

जो मिल ना सके तुम प्रत्यक्ष हो कर तो आराध्या तुझको तेरी प्रेम भक्ति में रम जाउंगी

बिन छुए भी तुझसे प्रेम करुंगी जब मीरा बनके तुझे चाहूंगी

विष के प्याले में भी जब में अमृत को पाउंगी बिन छुए भी तुझको तेरे एहसास से प्रीत निभाऊंगी जब तुझ संग तेरे प्रेम में मीरा बन तुझमें समाउंगी

तुम हो जाओगे द्वारिकाधीश मेरे में तेरे दर को द्वारिका बनाउंगी

तुझ संग प्रेम की प्रत्येक सीमा को लांघ जाऊंगी ....


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