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Shraddhaben Kantilal Parmar

Romance Tragedy

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Shraddhaben Kantilal Parmar

Romance Tragedy

ठिकाने बदल रहे हैं

ठिकाने बदल रहे हैं

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तेरी यादों का पिटारा लेकर

हम आज ठिकाना बदल रहे हैं।

तुम से आज बिछड़ रहे हैं

आंखों से आसूं बरस रहे हैं

दिल की शमां बुझ रही है।

तुमसे दूर जाने के ख्याल से ही

मेरी रूह कांप रही है

आज मैं ठिकाना बदल रहा हूं।

तुम मेरे एहसास में हो

मेरी यादों में, मेरी अधूरी बातों में

मेरी हर एक श्वासो में तुम बसते हो

बस मेरी जिंदगी में ही नहीं होगे।


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