STORYMIRROR

Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

3  

Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

ठहराव

ठहराव

1 min
215

ठहराव जिंदगी का दूसरा नाम

जहां बहुत कुछ देखने की ललक

जी लिए है फिर भी


दूसरो को एक सीख देने की ललक

वो जी चुके है

जिंदगी देख चुके हैं


बिखर ना जाए कहीं हम

एक तजुर्बा बताने की ललक

इसे शायद हम सबकी बुढ़ापा कह दे

एक सीख जिंदगी जी लेने की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract