तस्वीरें जीवंत हैं
तस्वीरें जीवंत हैं
युवा युगल की तस्वीरें
होती हैं जीवंत,
लेकिन वे समझती नहीं कि
क्यों रहना है जिंदा?
कब तक रहना है?
और तो और
किसे दिखाना है खुदको?
वे दिखा नहीं पातीं खुद ही
खुद ही के चित्रकार को
ना ही वे जुड़ पातीं हैं उस फ्रेम से
जिसमें वे जडी होती हैं.
जीवंत तस्वीर तब से हो पाती हैं जिंदा.
वे तब खुद को दिखा पाती हैं,
तब जुड़ पाती हैं
जब उनमें रहता हुआ युवा युगल
रहता नहीं युवा.
