STORYMIRROR

Chandresh Kumar Chhatlani

Abstract

4  

Chandresh Kumar Chhatlani

Abstract

तस्वीरें जीवंत हैं

तस्वीरें जीवंत हैं

1 min
278

युवा युगल की तस्वीरें

होती हैं जीवंत,

लेकिन वे समझती नहीं कि

क्यों रहना है जिंदा?

कब तक रहना है?

और तो और

किसे दिखाना है खुदको?

वे दिखा नहीं पातीं खुद ही

खुद ही के चित्रकार को

ना ही वे जुड़ पातीं हैं उस फ्रेम से

जिसमें वे जडी होती हैं.

जीवंत तस्वीर तब से हो पाती हैं जिंदा.

वे तब खुद को दिखा पाती हैं,

तब जुड़ पाती हैं

जब उनमें रहता हुआ युवा युगल

रहता नहीं युवा.



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract