तन्हा है चांद
तन्हा है चांद
🌛 तन्हा है चांद 🌜
तन्हा है चांद इस बात से थे हम अंजान
छुप जाता था हमें देख
वो बादलों कि ओट में
आज जाना तुमसे कि
तन्हा है वो
हम तो चल पड़े थे जीवन पथ पर
देख कर उसको कि झांक रहा था
वो मेघ का हमदर्द बन
हम ये सोचे कि मुस्करा रहा है वो
इतरा रहा है वो
रंग बिरंगे इन्द्रधनुष की ओट में भी
अपनी छटा बिखेर रहा था वो
लगा नहीं कि तन्हा था वो
आज तुमसे ही जाना कि तन्हा है चांद🌙
कहलाता तन्हा चांद है
कह देता जो तो कब रहता वो अकेला
संग मैं होती उसके
वो न कहलाता तन्हा
और मैं कहलाती चांदनी
शीतलता इसकी देती मन को सुकून
संग जो होता इसका
न वो होता तन्हा
न मैं होती तन्हा
अमावस में भी न लगता अंधियारा
पूर्णिमा का आन्नद और भी होता
फलक तक की बात न होती
जिंदगी की हर राह आसान होती
पर उसका कुछ अलग ही अंदाज था
सितारों में अपनी पहचान का अभिमान था
पर न जाना वो कि तन्हा था वो
अभी जाना हमनें भी🌙चांद तन्हा था
तन्हा था
एकता कोचर रेलन (हरियाणा)
