Jai Singh(Jai)
Action Inspirational
करके प्रतिदिन योग तुम, तंदुरुस्त बन जाओ।
प्राणायाम अभ्यास कर, कोरोना भगाओ।
कोरोना भगाओ, आसन सभी अपनाओ।
करो सूक्ष्म व्यायाम, डाक्टर पास न बुलाओ।
बीमारी खत्म होगी, योग करो सभी डटके।
थीम फोर वेलनेस, सच होगा योग करके।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
एक बासंती चोले में, ढाल दे वसुधैव कुटुंबकम में। एक बासंती चोले में, ढाल दे वसुधैव कुटुंबकम में।
मंजिल तक यही इंद्रधनुष लेकर जाने हैं। मंजिल तक यही इंद्रधनुष लेकर जाने हैं।
आ जाओ तुम उधर से। मगर गुजरना तो इधर से ही है। आ जाओ तुम उधर से। मगर गुजरना तो इधर से ही है।
बहुत अच्छा लगता है खुले आँखों हमें ख्वाब देखना बहुत अच्छा लगता है खुले आँखों हमें ख्वाब देखना
रेत पर मिल जाते शंख-सीप अपार गर्भ में ढोये अथाह रत्न भण्डार रेत पर मिल जाते शंख-सीप अपार गर्भ में ढोये अथाह रत्न भण्डार
स्वार्थ ने अपनी चादर ओढ़ ली क्रूरता पैर पसार रही दया की ज्योति ओझल ना हो स्वार्थ ने अपनी चादर ओढ़ ली क्रूरता पैर पसार रही दया की ज्योति ओझल ना हो
वर्षों से जो समाज, दबा कुचला था, उसके उत्थान का बीड़ा उठा लिया, वर्षों से जो समाज, दबा कुचला था, उसके उत्थान का बीड़ा उठा लिया,
मिल जाऊँ इसकी मिट्टी में यही तो अब ख्वाब मेरा है। मिल जाऊँ इसकी मिट्टी में यही तो अब ख्वाब मेरा है।
इस भू- मंडल को श्मशान बनते देखना चाहती हैं। इस भू- मंडल को श्मशान बनते देखना चाहती हैं।
आज़ादी के दीप थे गाँधी रही फकीरी इनकी काया बिन शस्त्र आज़ादी दिलाई अद्भुत मति की आज़ादी के दीप थे गाँधी रही फकीरी इनकी काया बिन शस्त्र आज़ादी दिलाई अ...
पूरी दुनिया के साहित्यकारों को, एक माला में पिरो पाएगा। पूरी दुनिया के साहित्यकारों को, एक माला में पिरो पाएगा।
क्या यही है अच्छी जिंदगी, बोलने पर मिलती है मौत ! क्या यही है अच्छी जिंदगी, बोलने पर मिलती है मौत !
कौन आगे क्या बनेगा तय करता है यही भूख जो मिटा दे सबकी वो “रोटी” है यही। कौन आगे क्या बनेगा तय करता है यही भूख जो मिटा दे सबकी वो “रोटी” है यही।
वह पास पहुंच कर भी कहीं भटकता दूर था ऐसी क्या बात थी जो वह हमीं से छुपाता था वह पास पहुंच कर भी कहीं भटकता दूर था ऐसी क्या बात थी जो वह हमीं से छुपाता था
स्वच्छंद व उन्मुक्त मन से जरा आज हम भी सखी री l घूम आए हम भी यह सुंदर बादलों की गलिया स्वच्छंद व उन्मुक्त मन से जरा आज हम भी सखी री l घूम आए हम भी यह सुंदर बादलों...
शक्तिशाली राष्ट्र बनाना है हमें सुरक्षित रखना है, शक्तिशाली राष्ट्र बनाना है हमें सुरक्षित रखना है,
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, यह नारा भी दे दिया।। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, यह नारा भी दे दिया।।
सहे कारावास के कठोर दंड, स्वतंत्रता संग्राम में l डटे रहे सुभाष सदा देश के आन, बान, स सहे कारावास के कठोर दंड, स्वतंत्रता संग्राम में l डटे रहे सुभाष सदा देश के आ...
शब्द को सिला शब्द से पंक्तियाँ लिखी पृष्ठ पर शब्द को सिला शब्द से पंक्तियाँ लिखी पृष्ठ पर
कहने को अब सभ्य समाज है कुछ बदला क्या विशेष नहीं केवल तरीके बदले। कहने को अब सभ्य समाज है कुछ बदला क्या विशेष नहीं केवल तरीके बदले।