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Anand Ranjan

Inspirational

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Anand Ranjan

Inspirational

तलाश

तलाश

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जो हथेलियों में बंद है

उस हुनर की तलाश है 

छोटी सी इक धार हूँ मैं

मुझे नहर की तलाश है 

हूँ अकेला मैं चल रहा 

एक रहगुज़र की तलाश है 


मंज़िलों को जाती हुई  

मुझे किसी डगर की तलाश है 

बेताब हूँ मैं उड़ने को  

मुझे मेरे पर की तलाश है 

सपने जहाँ मैं जी सकूं  

ऐसे ही एक शहर की तलाश है !!



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