STORYMIRROR

Anand Ranjan

Inspirational

2  

Anand Ranjan

Inspirational

तलाश

तलाश

1 min
295

जो हथेलियों में बंद है

उस हुनर की तलाश है 

छोटी सी इक धार हूँ मैं

मुझे नहर की तलाश है 

हूँ अकेला मैं चल रहा 

एक रहगुज़र की तलाश है 


मंज़िलों को जाती हुई  

मुझे किसी डगर की तलाश है 

बेताब हूँ मैं उड़ने को  

मुझे मेरे पर की तलाश है 

सपने जहाँ मैं जी सकूं  

ऐसे ही एक शहर की तलाश है !!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational