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तलाश: एक पत्रकार की

तलाश: एक पत्रकार की

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अंधियारे में बाण चला है,
न जाने कौन घायल हुआ है।
बाण, बूंद ने ज्ञान सुधा के,
तरफ अथाह समुद्र किया है।
अंधियारे में बाण चला है-2

तिलिस्म मायानगरी का, वायरल सच बतलाएँगे,
बैठा जहां छुपा बगदादी, ब्रेक के बाद बतलाएँगे।
शीशे टूटे, बचपन लौटा, खेल हुआ है,
रक्तधारा में घायल कोई अपना पाया है।
अंधियारे में बाण चला है-2

जाल संनसनी का और खबर तूफान सी आई है,
वर्णभेद रक्त का, खबर आज कोई करने आई है।
दिल थाम के बढ़िये जनाब,
सिपाही धनकुबेरों की लंका का फरमान सुनाने आया है।
अंधियारे में बाण चला है -2

गौर से देखिये इस शख्स को, शब्दभेदी टी.आर.पी का चलाने आया है,
बंद कमरों के अनुसंधान की गूंज सुनाने कोई आया है।
पारी गेल मेक्यूलम की, वो न्यूज़ शतक लगाने आया है,
नासमझी के दलदल में खुद भी गुमनाम होने आया है।
अंधियारे में बाण चला है -2


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