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Shailaja Bhattad

Abstract Inspirational

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Shailaja Bhattad

Abstract Inspirational

तकदीर

तकदीर

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हर लम्हा सजाती है माँ।

तू कितना अच्छा सिखाती है माँ।

फूलों की क्यारियां बनाना सिखाती है। 

फूलों सा महकना बताती है माँ।

लगता है मेरी तकदीर मेरी मां ने लिखी है।

इसीलिए गम की तस्वीर भी नहीं दिखी है।


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