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कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"

Romance

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कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"

Romance

तेरी चाहत

तेरी चाहत

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हालात भी होंगे,दिल-ए-जज़्बात भी होंगे

खुशियों से सराबोर हंसी लम्हात भी होंगे,


बहकेंगे जब कदम तेरे उल्फ़त की चाह में

थामने को हाथ तेरा,मेरे हाथ भी होंगे,


बेख़ौफ ग़र चलोगे इरादों को साथ लेकर

यूँ चर्चे अपनी मोहब्बत के दिन-रात भी होंगें,


डूबना ही है ग़र इश्क़-ए-समंदर में

तूफ़ानों के संग, लहरों के साथ भी होंगे,


जलता रहेगा "दीप" तेरी राहों में सदा

वफ़ा से सजे उजालों के सौग़ात भी होंगे !!



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