STORYMIRROR

Rubi 1996

Romance

4  

Rubi 1996

Romance

तेरा शायर

तेरा शायर

1 min
393

कभी सोचा ना था किसी से इतनी मोहब्बत हो जाएगी 

   अनजाने में उसकी इतनी आदत हो जाएगी 

पता चल जाता अगर दिल टूटने वाला है 

   तो कमबख्त दिल को भी टूटने की आदत हो जायेगी 


कोई तो चाहिए जो मेरी सुने दास्तां 

   की कैसे कोई वफ़ा की मिसाल बन गया 

लोग देते है आज मेरे नाम की दुहाई 

   की कैसे कोई प्यार में शायर बन गया 


मुस्कराहट के पीछे आंसू को कोई नहीं देख पाया 

 मेरी ज़िन्दगी की तेरे लिए क़ुरबानी को कोई देख नहीं पाया 

अब तो मुझे हंसी आने लगी है इस दुनिया पर 

प्यार में हारने के बाद, कोई मुझसे सबक नहीं सिख पाया 


पहली बार शायर ने किसी हसीन का नाम लिखा है 

अपने दिल का हाल बयान लिखा है 

मशहूर बना दिया तेरे दिए गम ने हमें इस दुनिया में 

कलम की स्याही से नहीं खून से पैगाम लिखा है 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Rubi 1996

Similar hindi poem from Romance