Meghana Rahul
Romance
दो होठों ने मिलकर
यही बात कही है,
हमारी मुहोब्बत की
मुख्तसर दास्तां यही है।
हमसफर हैं,हमकदम हैं,
हमराह रहेंगे,
हाथों में रहेगा हाथ,
जब तक भी जिएंगे।
अंजाम के दिन भी
राहें जुदा न होंगी,
हम रहें न रहें,
हमारी दास्तां रहेगी !
तेरा मेरा साथ
इन कदमों में सिमटी हुई साथ लिए जायेगी, ये मीठी मीठी यादें। इन कदमों में सिमटी हुई साथ लिए जायेगी, ये मीठी मीठी यादें।
तुम्हारी मुस्कानो से, सिर्फ एक सवाल, तुम कब आओगी? तुम्हारी मुस्कानो से, सिर्फ एक सवाल, तुम कब आओगी?
रंग के त्यौहार में रंगीनियों को सींच दें। अश्क सारे सूख जायें। रंग के त्यौहार में रंगीनियों को सींच दें। अश्क सारे सूख जायें।
एक मोहब्बत करके जानम दो दिल बैठे उलझन में.. एक बड़े कमरे में रोता एक मटीले आँगन में... एक मोहब्बत करके जानम दो दिल बैठे उलझन में.. एक बड़े कमरे में रोता एक मटीले आँ...
लिखूंगा आज कागज पर , हमारे प्यार के किस्से । लिखूंगा आज कागज पर , हमारे प्यार के किस्से ।
अरसों बाद हिम्मत कर फोन लगा दिया मेरी आवाज़ उसकी आवाज़ से मिलाए कैसे अरसों बाद हिम्मत कर फोन लगा दिया मेरी आवाज़ उसकी आवाज़ से मिलाए कैसे
फिर मुलाक़ात होगी शायद यही सोचकर थोड़ा और जी लेता हूँ। फिर मुलाक़ात होगी शायद यही सोचकर थोड़ा और जी लेता हूँ।
क्यों छुपाये बैठी हो क्यों भावनाएँ दबाये बैठी हो! क्यों छुपाये बैठी हो क्यों भावनाएँ दबाये बैठी हो!
बात करने से लेकर बात ना करने तक का हर बहाना याद है। बात करने से लेकर बात ना करने तक का हर बहाना याद है।
वो कला जिसका हर रंग, मन को भाए। राधा की पायल, कान्हा की धुन बन जाये! वो कला जिसका हर रंग, मन को भाए। राधा की पायल, कान्हा की धुन बन जाये!
याद तेरी, रातों के ख्वाब बनाकर, आती है मुझे खुशबू, गुलाब बनकर। याद तेरी, रातों के ख्वाब बनाकर, आती है मुझे खुशबू, गुलाब बनकर।
बस रास्ते अलग हुए, मंजिल न हमारी। वो भी तो थी हमें, प्राणों से प्यारी। बस रास्ते अलग हुए, मंजिल न हमारी। वो भी तो थी हमें, प्राणों से प्यारी।
होली में एक रंग हो तेरे गांव से, कुछ गुलाल मैं भेजूं अपने गांव से! होली में एक रंग हो तेरे गांव से, कुछ गुलाल मैं भेजूं अपने गांव से!
ऋतु बसंत आई आया है होली का त्योहार पिया संग खेले होली आओ करे रंगों से वार! ऋतु बसंत आई आया है होली का त्योहार पिया संग खेले होली आओ करे रंगों से वार!
या रब सी सूरत वाली, तुम खाबों में ही रहती तो सब सही रहता! या रब सी सूरत वाली, तुम खाबों में ही रहती तो सब सही रहता!
बांहों में एक सिहरन सी, पास आने की किसी की आस हो जैसे। बांहों में एक सिहरन सी, पास आने की किसी की आस हो जैसे।
तन तूने रँग डाला मेरा अब मन भी रँग डाल सँवरिया। तन तूने रँग डाला मेरा अब मन भी रँग डाल सँवरिया।
क्योंकि चाहत हो तुम मेरी पहली औऱ आख़री भी, तुमसे ही वज़ूद मेरा, तुम बिन मैं कुछ नहीं। क्योंकि चाहत हो तुम मेरी पहली औऱ आख़री भी, तुमसे ही वज़ूद मेरा, तुम बिन मैं कुछ...
फाग आया है निराला तूने कैसा रंग डाला पायल छनक गई मन हुआ मतवाला। फाग आया है निराला तूने कैसा रंग डाला पायल छनक गई मन हुआ मतवाला।
हर एक हार की दिलासा में तो एक चुम्बन तुम्हारा हो। हर एक हार की दिलासा में तो एक चुम्बन तुम्हारा हो।