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Sumit. Malhotra

Abstract Action

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Sumit. Malhotra

Abstract Action

स्वभाव से बहुत ही गर्म।

स्वभाव से बहुत ही गर्म।

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वो स्वभाव से बहुत ही गर्म थी, उनके गुस्से से डर लगता बहुत, 

प्यार उन्हें करता कहने गया था, हाल-चाल पूछ वापिस आ गया। 


प्राइवेट स्कूल में वो पढ़ाया करें, विज्ञान विषय रोज़ पढ़ाया करें, 

जो नालायक बच्चे कामचोर है, उनकी ख़ूब पिटाई वो रोज़ करें। 


अनुशासित बहुत ही ज़्यादा वो, वक़्त की पाबंद बहुत ज़्यादा है, 

मेरे घर के सामने वो रहने लगी, पहली बार देखा तो हँसने लगी थी। 


प्यार छुपाना अब मुश्किल हुआ, उन्हें प्यार करते मालूम हो गया है, 

अब वो हमारे पीछे पड़ गई जो, दिखा ना दिखा मेरी तरफ़ देखें है। 


दोपहर को स्कूल से घर आती, शाम को छत पर आया करती, 

फोन पर किसी से बातें करती, हमारी तरफ़ देख के मुस्कुराती। 


उनसे बचने की कोशिश करते, वो पसंद परंतु स्वभाव से डरते, 

प्यार तो बहुत हम भी करते, पर उनके गुस्सैल स्वभाव से डरते। 


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