Dharm Veer Raika
Abstract
ठंडा से शीतल होय,
सोना मे थोड़ा पीतल होय,
किन पर होते हो इतना गर्म,
थोड़ी बहुत आपको भी आनी चहिए शर्म।।
जीत का जश्न
बोल सुकून...
हारे कहां....
जिंदगानी सफ़र...
मृत्यु
सहज जहन
सीख
ए दिल तेरी सा...
यादें.....
दोस्ताना
राजमुकुट की वापसी की खातिर चिंता में रहने लगी राजमुकुट की वापसी की खातिर चिंता में रहने लगी
आज उसी 'पिस्तौल' का वंदन करने का शुभ दिन है। आज उसी 'मर्दानी' का पूजन करने का शुभ दिन आज उसी 'पिस्तौल' का वंदन करने का शुभ दिन है। आज उसी 'मर्दानी' का पूजन करने का...
न जाने क्यों शहरों में अब पड़ोसी दिखाई नहीं देते। न जाने क्यों शहरों में अब पड़ोसी दिखाई नहीं देते।
ईश्वर भी माँ माँ ईश्वर के रूपों की पहचान है । माता बड़ी महान है लोगों माता बड़ी महान ह ईश्वर भी माँ माँ ईश्वर के रूपों की पहचान है । माता बड़ी महान है लोगों माता बड...
नरान्तक और बिन्दुमती ने स्वर्ग की गति थी पाई। नरान्तक और बिन्दुमती ने स्वर्ग की गति थी पाई।
मुझे हराने के लिए तुमने, मुझे बहुत दुश्वारियां दी, अब क्या सोचा है, जीतने से कैसे रोको मुझे हराने के लिए तुमने, मुझे बहुत दुश्वारियां दी, अब क्या सोचा है, जीतने से ...
मैं और कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूँ कि उसने प्रेम किया था। मैं और कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूँ कि उसने प्रेम किया था।
किसने आपको हक दिया है कुछ भी कह लेने का किसने आपको हक दिया है कुछ भी कह लेने का
रामराज्य का हमें भी तो कम से कम एक बार दर्शन कराओ। रामराज्य का हमें भी तो कम से कम एक बार दर्शन कराओ।
डरना छोड़ो अब हौसला भरो, लड़ो, कब तक मुँह चुराओगे। डरना छोड़ो अब हौसला भरो, लड़ो, कब तक मुँह चुराओगे।
था ये कारगिल युद्ध जो भारतीय सेना ने, हिमालय की ऊंची चोटियों पर लड़ा था। था ये कारगिल युद्ध जो भारतीय सेना ने, हिमालय की ऊंची चोटियों पर लड़ा था।
बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है? बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है?
जीवन का अंजाम है, होता सबका अंत । बनना सबको राख है, साधु और क्या संत ।। जीवन का अंजाम है, होता सबका अंत । बनना सबको राख है, साधु और क्या संत ।।
लेकिन मेरा यकीं करो, मैंने सुनी है चीख उन पंछियों की जिनके पर कतर दिए गए : लेकिन मेरा यकीं करो, मैंने सुनी है चीख उन पंछियों की जिनके पर कतर दिए गए :
आगे पीछे मत देखना घर में बहन तेरी भी जवान है। आगे पीछे मत देखना घर में बहन तेरी भी जवान है।
छोटी सी नहर मे बहते पानी की शान्ति ने आज कहा मुझसे कि तेरा गाँव अब बदल रहा है छोटी सी नहर मे बहते पानी की शान्ति ने आज कहा मुझसे कि तेरा गाँव अब बदल र...
प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार। प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार।
शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बेटियाँ। शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बे...
माँ, तेरे आँचल का वो पहला एहसास याद है। माँ, तेरे आँचल का वो पहला एहसास याद है।
मैं कहाँ ले जाऊँ मन मेरा... तुझसे बिछड़ने को तैयार नही... मैं कहाँ ले जाऊँ मन मेरा... तुझसे बिछड़ने को तैयार नही...