STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Inspirational Children

4  

V. Aaradhyaa

Inspirational Children

सुर मिलाओ

सुर मिलाओ

1 min
329

होते हैं दूर के ढोल सुहाने,

क्या बात जाने ये दीवाने।


जिसके दर जा कर बजते,

वो ही ढोल की तान जाने।


कैसे भी हो ढोल - नगाड़े,

बजाने वाला सुर पहचाने।


मनपसंद ढोल मिल जाए,

डंके की चोट बजे निशाने।


ढीला ढाला ढोल मिले तो,

डूब जाते बड़े - बड़े घराने।


ढोल की रमज ना समझे,

आ जाए है अक्ल ठिकाने।


ना सुर ताल ना लय मिले,

ढोल जो हों बहुत बेगाने।


किस्मत वालों को मिलते,

ढोल रूपी बड़े नजराने।


मिलते रहते ढोल निराले,

कभी नये तो कभी पुराने।


ढोल ढोल की बात अलग,

जिस तन लगे वो ही जाने।


मेरा मन भी ढोल बजाए,

बन कर पागल से मस्ताने।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational