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नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Romance

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नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Romance

सुकोमल भावनाएं मन की

सुकोमल भावनाएं मन की

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306

प्यार हो जाना, 

प्यार में पड़ना 

स्वाभाविक, सहज व सरल 

कठिन होता उतना ही ,

प्यार का इजहार,

सुकोमल भावनाएं मन की 

शब्दों में व्यक्त करना,

सामने मोहब्बत का इकरार,

करना मुश्किल कितना,

अगर किसी से प्यार है,

जाहिर करना बेहद जरूरी,

ये वह मुट्ठी नहीं जो बंद हो,

लाख की और खुल गई तो फिर खाक की,

प्यार में मामला उलटा होता,

मुट्ठी बंद रखना यानी ,

दिल ही दिल में छुपाए रखना,

कभी न बुझने वाली आग ,

खुद को जलाते रहना,

रूबरू होकर स्पष्ट शब्दों,

प्यार को जताना

कितना कठिन काम

प्रेम करने वाले खूब जानते,

प्रेमी-प्रेमिका पत्र में ,

अपने दिल का हाल सुनाते

और सुनाते रहेंगे। 

प्रेम-पत्र लिखना भी 

कोई कम पसीना नहीं आता।

गीतकार व शायर गुलजार ने

खूब कहा है कि -

' प्यार का पहला खत लिखने में वक्त तो लगता है,

नए परिंदों को उड़ने में वक्त तो लगता है।

'लेकिन बुलंद हौसले की माँग ,

कर गुजरने में ही जीत

अन्य शायर का कहना,

' सोचा है अब पार उतरेंगे या टकराकर डूब मरेंगे,

 तूफानों की जद पे सफीना कब तक आखिर,

 आखिर कब तक!

 प्यार किया तो डरना क्या!'


फिर भी जज्बात की रौ में बहकर

नए जमाने की हवा में उड़कर 

बगैर सोचे-समझे बस

प्रेम-निवेदन कर दिया जाए।

पहले यह विश्वास पक्का हो 

आखिर हम चाहते क्या,

प्यार के पीछे मकसद क्या,

ठोस धरातल पर खड़े या नहीं।

प्यार क्या एकतरफा है 

या आग दोनों तरफ बराबर लगी 

प्यार परवान चढ़ सकता

कहीं फिल्मी प्रेम कहानियाँ तो नही

खुदगर्ज सामने वाले को मजबूर

नहीं कर रहे कि कहो ना प्यार है।

नए जमाने में इंटरनेट 

पे चल रहा रोमांस 

युवाओं की बीच पनप 

रहा एक नया मर्ज।

गालिब ने कहा था -

' ये इश्क नहीं आसाँ, 

एक आग का दरिया है 

और डूब के जाना है।'

प्यार किया नहीं जाता,

हो जाता है प्यार,

 जिसकी हस्ती सूरज-चाँद 

कभी मिट नहीं सकती। 

पत्थरों तोड़ प्यार के पौधों

फूल खिलते रहे हैं 

और खिलते रहेंगे। 

प्यार में ईमानदारी की। 

सच्चा प्यार कर निभाएँ भी।

भगवान, खुदा वादों पर खरा उतरने

शक्ति प्रदान करे, 

वेलेंटाइन डे पर

समस्त प्रेमी-युगलों को

तहेदिल से यही 

सच्ची शुभकामना हो।



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