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Vijaykant Verma

Comedy

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Vijaykant Verma

Comedy

सुबह शाम पीते हैं

सुबह शाम पीते हैं

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मुझको है

उनकी चिंता  


उनको है 

मेरी चिंता 


इसी चिंता में 

हम जीते हैं 


नित सुबह-शाम 

पीते हैं 

दारू नहीं..?

दवा..!

हा..हा..हा..!


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