Vijaykant Verma
Comedy
मुझको है
उनकी चिंता
उनको है
मेरी चिंता
इसी चिंता में
हम जीते हैं
नित सुबह-शाम
पीते हैं
दारू नहीं..?
दवा..!
हा..हा..हा..!
विनाश का बटन ...
नदी तुम्हारी...
सच्ची मुस्कान
मानवता, तू मर...
बचपन लौटा दो
लौट आओ मेरे य...
खुशी
हाले दिल
रिश्तों की सम...
सूखा पत्ता
सुबह, दोपहर, शाम प्यार की तीन मीठी सी खुराक डरता हूँ। सुबह, दोपहर, शाम प्यार की तीन मीठी सी खुराक डरता हूँ।
शरीर में लगा देंगे जंग। जो तुम आये जुना गंज।। शरीर में लगा देंगे जंग। जो तुम आये जुना गंज।।
कबूतर को मिली है प्रचार की जिम्मेदारी घर घर बाटी है उसने सामग्री सारी। कबूतर को मिली है प्रचार की जिम्मेदारी घर घर बाटी है उसने सामग्री सारी।
बच्चे बोले पापा पागल हैं घरवाली बोली ई तो गये हैं बौरा! बच्चे बोले पापा पागल हैं घरवाली बोली ई तो गये हैं बौरा!
तभी एक आवाज मेरे कानों में आती है अजी सुनते हो कपड़े धोना भी बाकी है। तभी एक आवाज मेरे कानों में आती है अजी सुनते हो कपड़े धोना भी बाकी है।
ताऊ जाते सीना तान खिचड़ी कर गए सारा ज्ञान। ताऊ जाते सीना तान खिचड़ी कर गए सारा ज्ञान।
बैठने को, कुर्सी प्यारी जिसको भी, मिल जाती। बैठने को, कुर्सी प्यारी जिसको भी, मिल जाती।
ना सासू पूछे न साली, समझती कुछ भी नहीं अब घरवाली। ना सासू पूछे न साली, समझती कुछ भी नहीं अब घरवाली।
एक दो मॉडलिंग ही मिल जाती, काश मेरी भी बॉडी बन जाती। एक दो मॉडलिंग ही मिल जाती, काश मेरी भी बॉडी बन जाती।
दिवस मंगल शुभ हैं आई। कढ़ाई पनीर विवाह रचाई।। १ खुश हैं दादा गरम मसाला। दिवस मंगल शुभ हैं आई। कढ़ाई पनीर विवाह रचाई।। १ खुश हैं दादा गरम मसाला।
नींबू निचोड़ती सोचूं हूँ मेरी भी य ही दशा हो री ह नींबू निचोड़ती सोचूं हूँ मेरी भी य ही दशा हो री ह
वह प्रकृति के साथ बैठकर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे। वह प्रकृति के साथ बैठकर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे।
पता नहीं कैसा बर्तन लाए, देख कर हम को, सिटी बजाए। पता नहीं कैसा बर्तन लाए, देख कर हम को, सिटी बजाए।
जब मरता है, जीव इंसान के लिए इंसान खुद, खुद की जान से गया। जब मरता है, जीव इंसान के लिए इंसान खुद, खुद की जान से गया।
और पक्षपात से, जीता भी दिया जाता रहा है। आजादी के बाद से। और पक्षपात से, जीता भी दिया जाता रहा है। आजादी के बाद से।
एक दिन बइठे सोच लिये हम, राजनीति में बड़ा है दमखम। एक दिन बइठे सोच लिये हम, राजनीति में बड़ा है दमखम।
कितना मुझ को लटकाओगे, पूछे नीली टाई। कितना मुझ को लटकाओगे, पूछे नीली टाई।
देके लालच खाने का उसको, पिंजरें में फँसाए हम। देके लालच खाने का उसको, पिंजरें में फँसाए हम।
कल जवान की शहादत तौलेंगे, नेता जी वोट बटोरेंगे ! कल जवान की शहादत तौलेंगे, नेता जी वोट बटोरेंगे !
नहीं छुएगी बीमारी नहीं रहेगा हाजमा गंदा ! नहीं छुएगी बीमारी नहीं रहेगा हाजमा गंदा !