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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"सत्य-फूल"

"सत्य-फूल"

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जो व्यक्ति बोलते हैं,खुद से झूठ

वो आईने जाते हैं,एकदिन टूट

यह बात है,साखी एकदम अटूट

खुद से बोला गया,कोई भी झूठ, 

खत्म कर देता है,अपना वजूद

इसलिये तू सदा सच बोलना,

सच बोलने से मिले,रब जरूर

सच में छिपा हुआ है,कोहिनूर

चाहे सारी दुनिया जाये रूठ

सत्य से न होना कभी तू दूर

राजा हरिश्चंद्र को याद करना

स्वप्न वचन निभाया,बहुत खूब

सच राह में चाहे हो लाख शूल

पर शूलों बीच खिलते,सत्य-फूल.


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