STORYMIRROR

Sadhana Mishra samishra

Inspirational

3  

Sadhana Mishra samishra

Inspirational

सत्य की तलाश

सत्य की तलाश

1 min
427

सत्य की तलाश में

निकल पड़ी हूँ मैं 

नीरव अंधकार में

सत्य की लौ लिए साथ में 


कीचड़ के तालाब को

खंगालती हूँ मैं 

जाने कहाँ कितनी

 गहराइयों में 


सत्य दबा है

झूठ के कीचड़ से सना है

हाथ मेरे थक गए

बांहों से निकल गए


झूठ के भंवर का

जाल बड़ा है

कीचड़ को धोते धोते

सागर भी सूख गए


सत्य पर इतना

कीचड़ पड़ा है

सतत प्रयास है

एक नयी चाह है


झूठ के कीचड़ से

सत्य को धोने की 

सत्य की तलाश में

निकल पड़ी हूँ मैं

 



இந்த உள்ளடக்கத்தை மதிப்பிடவும்
உள்நுழை

Similar hindi poem from Inspirational