STORYMIRROR

Pushpa Tiwari

Abstract

3  

Pushpa Tiwari

Abstract

सतरंगी होली

सतरंगी होली

1 min
228

होली के त्योहार में,

उड़ते सतरंगी रंग,

आपसी द्वेष को भूलकर,

आओ होली खेले संग।


मिलकर संग खुशियांँ मनाएँ,

जाती पाती का भेद मिटाएँ,

हम सब आओ एक हो जाएँ,

मिलकर आज खुशियाँ बिखराएँ।


कोरोना वायरस की दहशत ने,

त्योहार को फीका कर दिया,

हम सब आज हिल-मिलकर,

इसका कुछ समाधान सुझाए।


आओ हम होली मनाएँ,

जग में खुशियाँ बिखराएँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract