सत् - पथ
सत् - पथ
जो खो दिया उसे भूल जा,
जो पा लिया उसे याद रख,
क्या साथ लाया था तू अपने?
क्या साथ लेकर जायेगा?
जीवन-मरण के भय से तू मुक्ति पा,
अपने चित्त को प्रसन्न कर,
रख विश्वास ईश्वर में,
तभी मिलेगी सुख-शान्ति,
कर्म से मुख न मोड़,
कर्म को करता चल,
फल की चिन्ता न कर कभी,
दुनिया लगने लगेगी भली,
सत्य की राह पर तू जो चलेगा,
बाधायें आयेंगी सामने बहुत,
तुम न विमुख होना कभी,
रास्ता खुद ही बनाना,
कर्मयोगी बनकर,
दुनिया को सत् पथ दिखलाना,
धर्म की आड़ में करते हैं जो आडम्बर,
सबक उनको सिखलाना,
सुख-शान्ति रहे दुनिया में,
सबको मानवता का पाठ पढ़ाना,
मन विचलित हो जाये जब,
सब लगने लगे बेगाना,
ईश्वर से यही प्रार्थना करना,
जल्दी से अपने पास बुलाना,
है स्वर्ग यहीं और नर्क यहीं,
समझो दुनिया का मर्म सही,
ईश्वर से डरते जो लोग नहीं,
करते हैं मनमाने कर्म वही,
सत् पथ को अपनाकर,
आगे बढ़ते जाओ,
मिल जायेगी तुम्हें,
सुख-शान्ति और जीवन का सार.
