सपनोंं की उड़ान
सपनोंं की उड़ान
चल,चल नयी कोई धुन गुनगुनाएं
कोई नया संगीत स्वर फिर से सजाये
भरकर आशाओ भरी उड़ान
नभ को छुकर आये
चल, चल कोई नयी
रोशनी के पहर में बैठ
अपने शब्दों की रचना सजाये
जमीं पर सितारों को उतार कर
अपने सपनो को साकार बनाये
चल, चल नयी कोई धुन गुनगुनाएं।
