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मिली साहा

Abstract Inspirational

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मिली साहा

Abstract Inspirational

सफ़र ज़िन्दगी का

सफ़र ज़िन्दगी का

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सफ़र है ज़िन्दगी का तो लाज़मी यहाँ मुश्किलों का भी आना,

लगा रहता है कभी सुख कभी दुःख के घोड़ों का दौड़ लगाना,

एक ही घोड़े पर अगर सवार रहेगा सदैव ही यह सफ़र हमारा,

तो न अनुभव मिलेगा जीवन से न ही जानेंगे हम संघर्ष करना।


जिस प्रकार एक साईस संभाल लेता दो घोड़ों को एक साथ,

जबकि जरूरी यह नहीं कि एक समान हो दोनों का मिज़ाज,

किंतु उसे विश्वास है खुद पे नियंत्रित कर सकता है दोनों को,

इसलिए तो अपना कार्य बखूबी कर पाता है हिम्मत के साथ।


जीवन में सुख दुःख का भी तो होता है कुछ ऐसा ही अंदाज,

सुख प्रफुल्लित कर देता मन दुःख ज़िन्दगी से करता नाराज़,

किंतु स्वयं पर हमारा दृढ़ विश्वास यदि रहेगा सदैव ही कायम,

तो सुख के बाद गर दुःख आता जी लेंगे हम उसके भी साथ।


कहते हैं वक्त एक सा नहीं रहता कभी इनको तो है बदलना,

सुख दुःख तो मेहमान हमारे लगा रहेगा इनका आना-जाना,

ठहर कर कुछ दिन मेहमान फिर चले जाते हैं अपने ठिकाने,

वैसे ही सुख दुःख हैं आना कुछ पल ठहरना फिर चले जाना।


सुख-दुख के दोनों घोड़ों पर सीख जाता है जो सफ़र करना,

तो मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी सीख जाता है वो जीना,

दुःख के घोड़े लात मारते तो सुख के सफ़र का मजा भी देते,

ज़िन्दगी का तो यही दस्तूर है दोनों को साथ लेकर है चलना।



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