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Neerja Sharma

Abstract

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Neerja Sharma

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सफाई

सफाई

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दिवाली की सफाई 

हो तो जाती है 

पर नहीं होती मन की सफाई।


न जितना जिस बात को

बाहर निकालने का

करती हूँ अधिक प्रयास

उतना ही पाती हूँ पास।


कोई हमदर्द 

न मिला ऐसा

जो कर दे मन को 

पहले जैसा।


थोड़ा चंचल 

थोड़ा मासूम

स्वच्छ दिल 

हर पल संगम।


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