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Jai Singh(Jai)

Action Inspirational

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Jai Singh(Jai)

Action Inspirational

समय कभी रूका नहीं समय कभी झुका नहीं "

समय कभी रूका नहीं समय कभी झुका नहीं "

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कितनी काली रात हो जंगल और बियाबान हो

खाई और पहाड़ हो शेर की दहाड़ हो

समय कभी रुका नहीं समय कभी झुका नहीं

समय की पहचान कर अपने में बदलाव कर 


अंधेरे को चीर कर तुम सदा आगे रहो

द्वंद्व सभी दूर कर समीर की तरह बहो 

समय कभी रुका नहीं समय कभी झुका नहीं 

समय की पहचान कर अपने में बदलाव कर 


महामारी को नष्ट कर आशा का संचार कर 

सबका तू कल्याण कर नया सवेरा रोज कर

समय कभी रुका नहीं समय कभी झुका नहीं 

समय की पहचान कर अपने में बदलाव कर


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