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Dhan Pati Singh Kushwaha

Comedy Drama Fantasy

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Comedy Drama Fantasy

SMBoss6भ्रांति में कैसे शांति?

SMBoss6भ्रांति में कैसे शांति?

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जब पाल रखीं हैं मन में, विविध रूप की भ्रांति,

तब तक कैसे आ सकती है ? उस जीवन में शांति।


क्या खाएं ? और क्या न खाएं ? यह दूर हो कैसे भ्रांति,

चुपड़ें भैंस पर फेयर एंड लवली,तन पर जो आवे कांति।

किस स्कूल में भर्ती हों, सीखें बीबी संग जीने की आर्ट,

हैवी वेट पत्नियां अति चिंतित हैं, कैसे हो जाएं स्मार्ट।

घर में कलह शीर्ष पहुंची,जो पति बोला हमें चाहिए शांति,

जब पाल रखीं हैं मन में, विविध रूप की भ्रांति,

तब तक कैसे आ सकती है ? उस जीवन में शांति।


छुट्टी पर भेज अकल सारी, करते बेवजह अनंत चिंतन,

दूरदर्शी बन अमरूद संग, ले लिया चूरन-डॉक्टर व कफन।

दवा लें ? भैंस या काली-सफेद गाय के ठंडे-गर्म दूध से,

ताल ठोंककर मारामारी करते, पाने को समाधान युद्ध के।

एक दर्जन बच्चे ब्रह्मचारी के, मौनी की कुटिया में न शांति,

जब पाल रखीं हैं मन में ,विविध रूप की भ्रांति,

तब तक कैसे आ सकती है ? उस जीवन में शांति।


न जिनका बुद्धि से कुछ नाता,वे हैं देते सलाह बिन मांगे किए,

अमरत्व ज्ञान के हैं वितरक वे,ढंग से कुछ पल खुद ही न जिए।

सबसे ईमानदारों में एक वही,जिन घोटाले थे सबसे अधिक किए,

परहित पर अगणित प्रवचनदाता,जिए अपने हित-अपनों के लिए।

जिन तलवे चाटे चापलूसी में ही सदा,दावा वे करते हम लाएंगे क्रांति,

जब पाल रखीं हैं मन में, विविध रूप की भ्रांति,

तब तक कैसे आ सकती है ? उस जीवन में शांति।


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