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रूपेश श्रीवास्तव 'काफ़िर'

Abstract Romance

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रूपेश श्रीवास्तव 'काफ़िर'

Abstract Romance

सलाम

सलाम

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दर से तेरे जो पैगाम आया,

वही तो मेरे काम आया।

जमीं पे लिखा जो नाम तेरा, 

आसमां से सलाम आया॥



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