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रूपेश श्रीवास्तव 'काफ़िर'

Abstract Classics Inspirational

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रूपेश श्रीवास्तव 'काफ़िर'

Abstract Classics Inspirational

सच

सच

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वतन के बदलते हुए हालात लिखता हूँ,

वक्त मिलता है तो दिनरात लिखता हूँ।


उन्हें शिकायत है कि तारीफ नहीं लिखते,

लिखता तो हूँ पर सच बात लिखता हूँ।


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