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Jyoti Deshmukh

Inspirational

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Jyoti Deshmukh

Inspirational

सिनेमा

सिनेमा

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सिनेमा कभी हँसाती कभी गुदगुदाती 

कभी रूठे को मनाना सिखाती 

जिंदगी के अलग अलग रूपों से और किरदारों से परिचित कराती 

जी हाँ सिनेमा ही तो हमारा मनोरंजन कर हमें हर हाल में खुश रहना सिखाती 

जिंदगी में कोई गम हो या प्रतिकूल परिस्थिति इनमें दर्शाई गई

दिल को छूती कहानी हमें हिम्मत से जीना सिखाती 

जिंदगी में आए तूफ़ानों से मुकाबला कर कश्ती पार लगा जाती 

सिनेमा के बेहतरीन नग्मे, गाने, संवाद लोगों के दिल में अमिट छाप छोड़ जाती 


यही कहती हूँ कि जीवन भी एक रंगमंच है जिसमें अलग अलग बेटी,

बहू, माँ जैसे एक महिला के किरदार दर्शाती है 

हम सब उस ईश्वर की बनी कठपुतली है जिसकी जीवन की डोर ईश्वर के हाथ में होती है

कब मौत का बुलावा आ जाए इसलिए ये सिनेमा हर हाल में खुश रहना सिखाती है 

सिनेमा की कहानी जीवन के सुख दुःख,वियोग,

प्रेम अनुराग से अवगत कर हमारी हिम्मत बन प्रेरणा बन जाती है 

सिनेमा ही तो इतिहास दोहराती, एक आम इंसान के संघर्ष को

बयां कर उसके सपनों को साकार करने के लिए एक मिसाल बन जाती 


सिनेमा कभी दर्शको को ठहाके लगाने को विवश कर देती 

ये सिनेमा ही तो दर्शकों के आँखों से अश्क छलका जाती।


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