STORYMIRROR

Kamesh Gaur

Drama

2  

Kamesh Gaur

Drama

सिला

सिला

1 min
204

माना की रिश्ते बहुत रूहानी होते हैं

अपनेपन का शोर नहीं मचाया करते,


पर बस एक तुमसे न जीत सके हम,

उम्र बीत गयी खुद पर दांव लगाते लगाते।


इश्क़ के दरख्त में बस तीन पात

मिलन जुदाई और... बेशुमार याद...!


बना कर छोड़ दिया है तुमने अपनी 

यादों का आदी क्या इसी तरह ही,


मोहब्बत का सिला देते हैं..।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Kamesh Gaur

आसमान

आसमान

1 min पढ़ें

आसमान

आसमान

1 min पढ़ें

संदेश

संदेश

1 min पढ़ें

तराश

तराश

1 min पढ़ें

सिला

सिला

1 min पढ़ें

उम्र

उम्र

2 mins पढ़ें

Similar hindi poem from Drama