STORYMIRROR

Navneet Goswamy

Action Inspirational Children

4  

Navneet Goswamy

Action Inspirational Children

सीमा के प्रहरी

सीमा के प्रहरी

1 min
317

सीमा के प्रहरी 

दिन हो या रात हो 

हर पल सजग हो 

हम प्रहरी है सीमा के 


हम रक्षक धरती माँ के 

तान के आपने सीना,

खोल के अपनी आँखे

करदें छलनी उसको 

जो मेरी सीमा में झाँके। 


ऊँची पगड़ी, मूंछों को ताव,

भले हों तन पर लाखों घाव।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action