STORYMIRROR

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

4  

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

श्याम तेरा नाम सांवरे,,।

श्याम तेरा नाम सांवरे,,।

2 mins
3

तेरी अदाओं का कायल हूं मैं सांवरे,

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर, श्याम तेरा नाम बांवरे,,


नाम तेरा सच्चा हैं, श्याम नाम अच्छा हैं 

पर तुझे समझने को, मैं अभी बच्चा हूं 

हां,, तुझे समझने को, मैं अभी बच्चा हूं 

मोहन मुरारी, मेरे मन के बिहारी श्याम 

तुम पर मैं हारा दिल, तुम पर मैं हारा दिल

हारा ये दिल सरेआम,,


ओ,, तेरी अदाओं का कायल हूं मैं सांवरे,

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर, श्याम तेरा नाम बांवरे,,


भटका हुआ था मैं अब तक, जिंदगी की राहों पर 

तूने समझाया ऐसा, किया सही राहों पर,

जग से मैं हारा, मुझे श्याम ने संवारा 

अब ना हैं कोई जगत में, बस तूं एक सहारा


भुला ना देना हमको, अपनी जिनगानी से

मैं जो चल रहा हूं अब, बस तेरे मेहरबानी से


श्याम की अदाओं का कायल ये संसार रे,

मैं भी तो शामिल हूं इसमें, तभी तो कहूं सांवरे 

तेरी अदाओं का कायल हूं मैं सांवरे,

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर श्याम तेरा नाम बांवरे,,


जन्म से हीं मैंने इस, दुनिया को जाना हैं,

तुझसे मैं अंजाना था, तुझसे बेगाना हैं 

पर जब से देखा मैंने, तुझको इस जीवन में 

लगें बेकार सबकुछ, तेरी इस दुनिया में,


बदल गई हैं मेरी सारी जिंदगानी रे,

पर जो हुआ हैं ये सब, तेरी मेहरबानी रे


श्याम की अदाओं का कायल ये संसार रे,

मैं भी तो शामिल हूं इसमें, तभी तो कहूं सांवरे 

तेरी अदाओं का कायल हूं मैं सांवरे,

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर श्याम तेरा नाम बांवरे,,


जीना लगा हूं हर पल, इस जिनगानी में 

नाम तेरा हीं कहता, सुबह सुहानी में 

तेरी बदौलत अब मैं, दुःख में ना रहा हूं 

सब पल जीता हूं मैं, सुख मय हुआ हैं 


ख़ुशी के ये पल के आएं जीवन में सारे,

जब से मिले हैं मुझको मोहन प्यारे,


श्याम की अदाओं का कायल ये संसार रे,

मैं भी तो शामिल हूं इसमें, तभी तो कहूं सांवरे 

तेरी अदाओं का कायल हूं मैं सांवरे,

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर श्याम तेरा नाम बांवरे,,


तेरी अदाओं का हर पल हीं, कायल हूं मैं सांवरे, 

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर,

अब लिखता हूं हर पन्ने पर, श्याम तेरा नाम बांवरे।


तेरी अदाओं का कायल हूं मैं सांवरे 

लिखता हूं मैं हर पन्ने पर श्याम तेरा नाम बांवरे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract