STORYMIRROR

Mukesh Kumar Modi

Inspirational

4  

Mukesh Kumar Modi

Inspirational

शुद्ध विचार स्वर्ग बनाए संसार

शुद्ध विचार स्वर्ग बनाए संसार

1 min
388

केवल स्थूल भोग ही मन को अधिक रास आता

भोगवश ही मन चंचल और अस्थिर होता जाता

इसी उलझन में मन अपनी ही अवनति करवाता

एक पल में ना जाने मन क्या क्या सोचता जाता

अभी खाना है या पीना है या भ्रमण करने जाना

घर दुकान धन के प्रलोभन में उलझता ही जाता

ऐसा अनियन्त्रित मन ही जीवन में बेचैनी लाता

ना जाने कितनी योजनाएं मन बार बार बनाता

विनाशी इच्छाओं के पीछे मन को ना भटकाओ

भटका भटकाकर अपने मन को भूत ना बनाओ

अपने मन को किसी भी प्रलोभन में ना झुकाओ

एक लक्ष्य की तरफ मन को प्रेरित करते जाओ

शुद्ध विचारों से निरन्तर मन को भरपूर बनाओ

अल्पकाल के सुखों से तुम किनारा करते जाओ

सुख साधन का चिन्तन मन से निकालते जाओ

अध्यात्म चिन्तन में अपने मन को डुबाते जाओ

श्रेष्ठ चिन्तन करके मन को शक्तिशाली बनाओ

इसी शक्ति के द्वारा महान कार्य कर दिखलाओ

उत्साह सम्मान शुभ भावना सबको देते जाओ

इन्हीं शुद्ध विचारों द्वारा संसार को स्वर्ग बनाओ!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational