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Sanjay Verma

Abstract

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Sanjay Verma

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श्राद्ध

श्राद्ध

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अपने पूर्वजो को 

याद करने का दिन

भागदौड़ भरी जिंदगी में 

पूर्वजो को भूलने लगे 

यही कारण है कि 


आँखों के आँसू सूखने लगे 

आते है अंतरिक्ष से पूर्वज

श्राद्ध पक्ष में 

धरा पर 

अपनों से मिलने 

दान पक्ष पशु -पक्षी को 


दिल ने 

शरीर नश्वर

आत्मा अजर अमर 

श्राद्ध का पक्ष नया नहीं 

ये चला आ रहा 


करोड़ों वर्षो से 

मानव जब धरा पे आया 

जिन्होंने हमे इतना दिया 

जीवन व्यापन के लिए


उन्हें पूजने याद करने 

कर्तव्य है हमारा।


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