Sandeep Sharma
Action
एकता की ताकत
मजबूत जंजीरों
का विनाश हैं।
तू क्यों डरता है य
इंसान तेरे बल
बेमिसाल है।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
जनसेवा है निस्वार्थ प्रेम, सुरक्षित हो अपूर्व प्रेम पत्नी पति की सुरक्षा प्रेम। जनसेवा है निस्वार्थ प्रेम, सुरक्षित हो अपूर्व प्रेम पत्नी पति की सुरक्षा प...
रोबोटिक्स के लिए प्रतिनिधि बनी अंतरिक्ष शटल के लिए सॉफ्टवेयर परीक्षण किए। रोबोटिक्स के लिए प्रतिनिधि बनी अंतरिक्ष शटल के लिए सॉफ्टवेयर परीक्षण किए।
आज अकेले है तो कल सब साथ होगे, भरोसा रखो सब सुधर जाएगा। आज अकेले है तो कल सब साथ होगे, भरोसा रखो सब सुधर जाएगा।
तोड़ देंगे जंजीर तुम्हारी, बना कर मास्क की दीवार। तोड़ देंगे जंजीर तुम्हारी, बना कर मास्क की दीवार।
बेहतरीन है इश्क़ पर सबको तो नहीं है मिलता। बेहतरीन है इश्क़ पर सबको तो नहीं है मिलता।
मन का वातावरण बदल दो तो सब कुछ बदल सकता है l मन का वातावरण बदल दो तो सब कुछ बदल सकता है l
बल्कि हम सबसे बनती है, और भगवान की बनाई, ये दुनिया सबसे प्यारी है। बल्कि हम सबसे बनती है, और भगवान की बनाई, ये दुनिया सबसे प्यारी है।
नित्य देशवासियों को जगायेंगे कर्त्तव्य पथ पर आगे बढेंगे। नित्य देशवासियों को जगायेंगे कर्त्तव्य पथ पर आगे बढेंगे।
आओ मिलकर हाथ बढ़ाएं, अपनी धरती को हरा बनाएं। आओ मिलकर हाथ बढ़ाएं, अपनी धरती को हरा बनाएं।
कोरोना काल में खुद संक्रमित होकर, हमारी जान बचाई है। कोरोना काल में खुद संक्रमित होकर, हमारी जान बचाई है।
चलो गौतम अपने रास्ते बहुत हो लियाअब। क्याअपना-बेगाना क्या हमदर्द देखना है। चलो गौतम अपने रास्ते बहुत हो लियाअब। क्याअपना-बेगाना क्या हमदर्द देखना है।
इलाज़ के नाम पर लख लूट ज़ारी है। इलाज़ के नाम पर लख लूट ज़ारी है।
ह्रदय में सब्र बनाये रखना सागर सी गहराई रखना l ह्रदय में सब्र बनाये रखना सागर सी गहराई रखना l
फिर सु गम के नहीं खुशी के है क्योंकि, जीत के दिखाना ही है विश्वास। फिर सु गम के नहीं खुशी के है क्योंकि, जीत के दिखाना ही है विश्वास।
सदा सदा के लिए ठुकरा देंगे वापस नहीं आने को कहेंगे। सदा सदा के लिए ठुकरा देंगे वापस नहीं आने को कहेंगे।
इंटरनेट का सदुपयोग शिक्षा ज्ञान जीवन के लिये अनमोल।। इंटरनेट का सदुपयोग शिक्षा ज्ञान जीवन के लिये अनमोल।।
हर वो बाधा रोक रही जो, दृढ़संकल्प से अपने पार उसे अब करना है। हर वो बाधा रोक रही जो, दृढ़संकल्प से अपने पार उसे अब करना है।
सभल जाओ वक़्त है अभी तेरे पास प्रदूषण को क्यों बार बार अपना रहा है l सभल जाओ वक़्त है अभी तेरे पास प्रदूषण को क्यों बार बार अपना रहा है l
थक गया हो जो लहरो से लड़ते हुए आत्म संयम तो उसका बढ़ाना पड़ेगा थक गया हो जो लहरो से लड़ते हुए आत्म संयम तो उसका बढ़ाना पड़ेगा
और श्री हरी के चरणों को छूकर निकले तो चरणामृत प्रलय। और श्री हरी के चरणों को छूकर निकले तो चरणामृत प्रलय।