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Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract

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Vijay Kumar parashar "साखी"

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शिव स्तुति

शिव स्तुति

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शिव ही सनातन शिव ही शुद्ध मन है

इस ब्रह्मांड से है परे,

शिव ही विराट गगन है

शिव ही चेतन है शिव ही अचेतन है

शिव ही आत्मा,शिव ही परमात्मा बदन है

तू भज ले,मनवाॐ नमः शिवाय

शिव ही तोड़ता,भव का बंधन है !


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