PRATAP CHAUHAN
Classics
बनाकर शीशमहल का अटास।
बना मत जमी का तू उपहास।।
दया का दान बना दो खास।
न हों लाचार कभी भी उदास।।
जगत में पंचतत्व का वास।
बनाते माटी का इतिहास।।
सृष्टि का अद्भुत ये है लिबास।
जिसे ओढे सृष्टि बिंदास।।
ठिठुरन वाली
सहस्र वनिता
ओमकारा
पर्यावरण बचाए...
दुल्हन बन दुख...
इंसानियत
आजादी की बाते...
प्यार को पाकर
ताल मृदंग बजा...
भारत ने ख्यात...
आईये नये कुछ उसूल बनाए, नफरतों की हर दिवार गिराएं, धर्म जाती के भेद मिटा कर, एक दुजे को गले से... आईये नये कुछ उसूल बनाए, नफरतों की हर दिवार गिराएं, धर्म जाती के भेद मिटा कर,...
दंडकारण्य में एक आश्रम ऋषि मातंग वहा रहते थे भीलनी एक शिष्या उनकी सब शबरी उसको कहते थे। दंडकारण्य में एक आश्रम ऋषि मातंग वहा रहते थे भीलनी एक शिष्या उनकी सब शबरी उसक...
हिंदी हम सब भारतवासियाें की प्यारी भाषा... हिंदी में बाेलने का, पढने का, लिखने का एक अलग ही आनंद है.... हिंदी हम सब भारतवासियाें की प्यारी भाषा... हिंदी में बाेलने का, पढने का, लिखने क...
दो दिन की ज़िन्दगी है यारों, अभी मजे़ कर लो, माटी से आए थे, माटी में मिल जाना है। आखिरकार अंत मैं स... दो दिन की ज़िन्दगी है यारों, अभी मजे़ कर लो, माटी से आए थे, माटी में मिल जाना है...
विवाह से पहले साथ रहने का यह चलन कर देता है मर्यादा को भंग और विवाह जैसे पवित्र रिश्ते की गरिमा का ह... विवाह से पहले साथ रहने का यह चलन कर देता है मर्यादा को भंग और विवाह जैसे पवित्र ...
मनुज ग्रसित पाखंड से ,लोभ रहा आधार । बनिये बगुला भगत नहीं,करिये शुद्ध विचार ।। पंच मनुज ग्रसित पाखंड से ,लोभ रहा आधार । बनिये बगुला भगत नहीं,करिये शुद्ध विचार ।...
फिर क्यों अपेक्षा है सीता से फिर क्यों अपेक्षा है सीता से
मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ
जहां पर संभाल कर रखी है उस की निशानियां इन पन्नों को भी सहेजा वहीं जहां पर संभाल कर रखी है उस की निशानियां इन पन्नों को भी सहेजा वहीं
बीता हुआ कल हमें जीवन के सीख देता है जिसके सहारे हम अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं बीता हुआ कल हमें जीवन के सीख देता है जिसके सहारे हम अपना भविष्य उज्जवल बना सकते ...
तेरे कदमों की वो पहली आहट दिल में रहेगी हमेशा जवां तेरे आने से जो बदला है जहां लफ्जों में हो ना स... तेरे कदमों की वो पहली आहट दिल में रहेगी हमेशा जवां तेरे आने से जो बदला है जहां...
रामचरितमानस हैं काव्य रामचरितमानस हैं काव्य
चलता समय बताने वाली, कमरे में रुक चुकी घड़ी थी। सपनों का आकाश दिखाने, वाली खिड़की बंद पड़ी थी।... चलता समय बताने वाली, कमरे में रुक चुकी घड़ी थी। सपनों का आकाश दिखाने, वाली...
राम को क्यूँ वनवास होगा राम को क्यूँ वनवास होगा
अद्वितीय प्रतिभा की धनी हैं, महीयसी महादेवी वर्मा। अद्वितीय प्रतिभा की धनी हैं, महीयसी महादेवी वर्मा।
मुझे भीड़ पसंद नहीं कैसे उसे पता? मन ही मन कौन सा गीत रही थी मैं गुनगुना एक और शर्बत का गिलास, बाह... मुझे भीड़ पसंद नहीं कैसे उसे पता? मन ही मन कौन सा गीत रही थी मैं गुनगुना एक और...
बस इतना समझ लो कि मैं बहुत ही प्यासा था, और सामने रखे पानी के गिलास में जहर मिला थाI अगर पानी पीता... बस इतना समझ लो कि मैं बहुत ही प्यासा था, और सामने रखे पानी के गिलास में जहर मिल...
फूल, तितली, नदी, सागर, दिया, बाती, जमीं, अम्बर मोहबत को दिये रब के सभी पैगाम ही तो है... फूल, तितली, नदी, सागर, दिया, बाती, जमीं, अम्बर मोहबत को दिये रब के सभी पैगाम ही ...
ख्वाब कई देखते हैं, मुकम्मल किसका होता है? हवा के रुख को मोड़ता वो पतंग किसका होता है? ख्वाब कई देखते हैं, मुकम्मल किसका होता है? हवा के रुख को मोड़ता वो पतंग किसका ...
बादल हूँ, खुशबू हूँ या कोई हवा हूँ। बादल हूँ, खुशबू हूँ या कोई हवा हूँ।