शब्दों का आलम
शब्दों का आलम
।।शब्दों का या आलम जब हृदय में उतर जाए ।।
।।सदियो का वक्त पल में गुजर जाए।।
धड़कन जब बढ़ जाए पहलू में ढल जाए
।। रिमझिम बरसात हो सदियों की प्यास हो ।।
।।वक्त की है वेदना सशक्त में है चेतना।।
।।काल का पहरा है वक्त की कमी है ।।
।। उपस्थित है जो इस छड पल।।
।।बस उतना वक्त तुम्हारा है।।
।।वक्त जब ढलता है ।।
।।कलिया सा खिलता है।।
।। कांच सा बिखरता है फिर ना समझना है।।

