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SHREYA BADGE

Comedy

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SHREYA BADGE

Comedy

शायरी

शायरी

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इरशाद किया है


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वो निकलती है सामने से रोज़ नई वेकैंसी की तरह...



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ग़ौर फरमाइएगा..



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वो निकलती है सामने से रोज़ नई वेकैंसी की तरह...



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मै उसे देखता रह जाता हूं बेरोज़गार की तरह..



  



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