STORYMIRROR

AKIB JAVED

Abstract

3  

AKIB JAVED

Abstract

शांत जंगल में

शांत जंगल में

1 min
274

शांत जंगल में

सुनसान इलाका

एक पेड़ जो देता

जीवन में ऑक्सीजन 

उसी के बीच में है


एक कुआँ

जिसमे दफ़न है

राहगीरों की प्यास

वो प्यास 

जो बुझाती थी

आते-जाते,

थके मजदूर, किसान

प्यासों की प्यास जो

देती है सुकूँ सबको


न होता वो कुआँ

तो क्या करते लोग

न मिलता सुकूँ

न होती आस !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract