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Payal Dholakia

Drama

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Payal Dholakia

Drama

शाख से पत्ते टूटे हैं

शाख से पत्ते टूटे हैं

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शाख से पत्ते टूटे हैं 

उन्हें बिखरने दो


हवाओं की बेवफाई में

वफादारी ढूंढने निकले थे


कुछ रंजिशें पोशीदा - सी थीं,

इसीलिए वक्त रहते ही पत्ते बिखर गए


वरना फरियादें तो बहुत - सी थी,

लेकिन, कैसे करते हाल - ए - दिल बयां 

उन पत्तों को पेड़ से मोहब्बत जो हो चुकी थी...।।


 


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